Broken Heart Shayari

दिल टूटा तो आवाज़ भी न आई,
हमने दर्द की आदत में भी वफ़ा निभाई,
तुम्हें खोकर बस इतना सीखा…
जो अपना हो दिल से, वही सबसे ज़्यादा रुलाता है।

तुम बदल भी जाओ ये भी मंज़ूर है,
पर इस तरह दूर चले जाना मंज़ूर नहीं,
प्यार हमारा खामोश सही…
पर झूठे वादों में बिकना मंज़ूर नहीं।

तेरे जाने के बाद भी तेरे ही ख्यालों में जीते हैं,
हम टूटकर भी मुस्कुराने की एक्टिंग करते हैं,
कोई समझे तो कैसे समझे…
जो टूटे दिल से मोहब्बत करते हैं।

मोहब्बत में हारना भी मंज़ूर है,
लेकिन किसी अपने से बिछड़ना नहीं,
तुम कहो तो जिंदगी भी दे दूँ…
पर तुम्हें भुलाना मुझे मुमकिन नहीं।

दिल रोता है पर आंखों को खबर नहीं,
तुम दूर हो पर एहसास कम नहीं,
हर रात दर्द की बारिश होती है…
और हर सुबह दिल कहता—तुम मिल क्यों नहीं।

फासले बढ़ाने में तुमने एक पल की देर न की,
हमने पास आने में पूरी ज़िंदगी लगा दी,
तुम्हारे बिना अब जीना मुश्किल है…
पर तुमने शायद कभी ये बात महसूस ही नहीं की।

यादों ने भी हमें तड़पाना सीख लिया,
तन्हाइयों ने दिल को रुलाना सीख लिया,
हम तो मुस्कुराते थे दर्द छुपाकर…
अब दर्द ने ही हमें मुस्कुराना भूलना सीखा दिया।

तुम चले गए तो लगा सब छिन गया,
दिल इस तरह टूटा कि फिर न जुड़ सका,
तुम्हें क्या पता हमारे दर्द की सीमा…
हमने तो खुद को अंदर ही अंदर खत्म कर लिया।

तुम्हें भूलने की कोशिशों का भी अब कोई असर नहीं,
दिल मानता ही नहीं, दिमाग बस करता विरोध है,
टूटे दिल का हाल कौन समझे…
जब हर धड़कन में बस तुम्हारा ही नाम हो।

किस्मत से लड़ते-लड़ते हम थक गए,
तुम्हारी यादों से भागते-भागते हम रुक गए,
प्यार में इतना डूब गए कि खुद को ही खो दिया…
और तुम्हें पाने की उम्मीद में हम टूट गए।

दिल की टूटी हुई आवाज़ सुनने वाला कोई न मिला,
ख्वाहिशों का मकान ढह गया पर सहारा कोई न मिला,
तुमने छोड़कर ये एहसान भी कर दिया…
अब किसी से दिल लगाने का इरादा नहीं रहा।

तुम्हारी यादों ने दिल को कैद कर रखा है,
हर धड़कन में तुम्हारा ही नाम रखा है,
हम टूटा हुआ दिल लेकर भी जिंदा हैं…
ये भी तुमने ही तो इनाम रखा है।

एक रिश्ता निभाने में सारी जिंदगी दे दी,
तुम्हें खुश करने में अपनी मुस्कान भी दे दी,
तुम्हें क्या पता हमारे टूटे दिल का हाल…
तुम्हारी एक बेवफाई ने सब मिटा दिया।

रोते-रोते भी हंसने की आदत हो गई,
दर्द छुपाते-छुपाते दिल थक गया,
जो खुद को संभाल न सके…
वो दूसरों के लिए क्या करे?

तुम्हारे बिना ये दिल खाली-सा लगता है,
हर खुशी भी अब आधी-सी लगती है,
क्या खूब सजा दी है तुमने मोहब्बत की…
अब हर पल तन्हाई भारी-सी लगती है।

जो थे कभी हमारे, आज अनजान लगते हैं,
जो कभी दिल का चैन थे, आज दर्द के निशान लगते हैं,
रिश्तों का क्या भरोसा—एक पल में बदल जाए…
और हम टूटे दिल वाले बस परेशान लगते हैं।

तुम्हारे जाने से इतना फर्क पड़ा है,
कि दिल से हंसना भी अब कम पड़ा है,
हमने प्यार किया पूरे दिल से…
और उसी दिल ने हमें सबसे ज़्यादा जला डाला है।

तन्हाइयों में भी तुम्हारी याद बोलती है,
टूटे दिल की धड़कनें भी तुम्हारा नाम लेती हैं,
कहते हैं वक़्त हर घाव भर देता है…
पर ये दर्द तो आज भी उतना ही लगता है।

तुम चले गए तो हम भी बिखर गए,
दिल की सारी खुशियाँ कहीं खो गई,
तुम्हारे बिना अब कुछ अच्छा नहीं लगता…
बस आंखों में दर्द और हाथों में ख़ालीगी।

तुम्हारी बेवफाई ने हमें दर्द का सागर दे दिया,
टूटकर भी चुप रहने का हुनर दे दिया,
अब प्यार से डर लगता है…
क्योंकि मोहब्बत ने ही हमें सबसे ज़्यादा रुला दिया।