Papa Shayari

पापा वो नहीं जो बस घर चलाते हैं,
पापा वो हैं जो चुपके से सपने सजाते हैं,
खुद भूखे रहकर भी हमें खिलाते हैं,
दुनिया में सबसे बड़ा नाम है—पापा ❤️

पापा की उंगली पकड़कर चलना सीखा,
गिरकर भी उठकर संभलना सीखा,
उनकी डांट में भी छिपा था प्यार,
उनके बिना तो जीना भी नहीं सीखा।

पापा का साथ हो तो डर कैसा,
उनकी दुआओं में असर ही ऐसा,
पूरी दुनिया भी क्या बिगाड़ लेगी,
जब सिर पर हाथ उनके जैसा।

पापा की आवाज़ में अपनापन होता है,
हर बात में गहरा अनुभव होता है,
कभी बोलते कम हैं, प्यार ज्यादा रखते हैं,
उनके जैसा कोई कहाँ होता है?

मेरी हर खुशी की वजह मेरे पापा हैं,
मेरी हर जीत की नींव भी पापा हैं,
मैं चाहे कितनी भी दूर चला जाऊँ,
दिल में हमेशा मेरे साथ पापा हैं।

जो झुककर भी ऊँचा नजर आए,
जो गुस्से में भी प्यार निभाए,
दुनिया में सबसे खास वही,
जिसे हम ‘पापा’ कहें—सबसे प्यारे।

पापा की गोद मेरा पहला स्कूल था,
उनका प्यार मेरी पहली दुनिया,
कहने को भले मैं बड़ा हो गया,
पर आज भी दिल उनका ही बच्चा।

पापा की डांट भी दुआ बन जाती है,
कभी समझ में बाद में आती है,
आज जो भी हूँ मैं…
उनके भरोसे से ही पहचान पाता हूँ।

मेरी हर मुश्किल वो आसान कर जाते हैं,
बिना बताए ही सब समझ जाते हैं,
पापा भी अजीब होते हैं…
हमारे आँसू छुपकर खुद बहा जाते हैं।

पापा की मुस्कान में दुनिया बसती है,
उनकी चिंता में मेरी परवाह छिपती है,
कभी बोलते नहीं लेकिन जानते सब हैं,
उनकी चुप्पी में भी मोहब्बत दिखती है।

पापा वो छाया हैं जो कभी कम नहीं होती,
चाहे धूप कितनी भी तेज क्यों न होती,
उनकी दुआएँ हमेशा साथ चलती हैं,
वे दूर हों तब भी पास रहती हैं।

मुझे गिरने से डर बिल्कुल नहीं लगता,
क्योंकि जानता हूँ—अगर गिर भी गया,
तो पापा ही सबसे पहले पकड़ेंगे,
और कहेंगे—फिर से चल बेटा।

पापा की थकान कभी दिखाई नहीं देती,
वो बस मुस्कुराते हैं, लड़ाई नहीं देते,
खुद टूटकर भी हमें संभाल लेते हैं,
ऐसा प्यार दुनिया में कहीं नहीं मिलता।

पापा की परवाह का कोई मोल नहीं,
उनके जैसा प्यार कहीं और नहीं,
जीवन में चाहे लाख लोग मिल जाएँ,
पापा जैसा कोई और रोल नहीं।

पापा की हथेली की रेखाओं में,
मेरे लिए कितनी दुआएँ छुपी हैं,
आज समझ आता है—
उनकी मेहनत से ही मेरी राहें सुधरी हैं।

पापा की निगाह में हमेशा भरोसा होता है,
चाहे पूरी दुनिया खिलाफ क्यों न हो,
उनके एक शब्द से ही हिम्मत मिल जाती है,
क्योंकि वो जानते हैं—हम क्या हो।

पापा की खामोशी भी पढ़ लेता हूँ,
उनकी आँखों की नमी भी समझ लेता हूँ,
प्यार कभी जताते नहीं वो,
लेकिन दिल में मेरी जगह सबसे पहले देता हूँ।

मेरी हर जीत में पापा का हिस्सा है,
उनकी सीख ही मेरी सबसे बड़ी पूँजी है,
आज जो भी हूँ, सिर्फ उनकी वजह से हूँ,
मेरी जिंदगी उन्हीं से पूरी है।

पापा का घर में होना ही सुकून है,
उनके बिना सब कुछ अधूरा सा जूनून है,
जैसे सूरज बिना रोशनी के,
वैसे ही पापा बिना घर खाली सा लगता है।

पापा सिर्फ एक नाम नहीं,
एक पूरी दुनिया का एहसास हैं,
जितना कहूँ कम है उनके लिए,
क्योंकि वे मेरे सबसे बड़े विश्वास हैं।