किसी को खोकर ही समझ आता है,
साथ कितना जरूरी था हमारा।
अब तन्हाई से दोस्ती हो गई है,
क्योंकि वही समझती है दिल का किनारा।
तेरी यादों की बारिश में भीगते-भीगते,
दिल अब ठंडा पड़ गया है।
प्यार आज भी है तुझसे बहुत,
बस जताने का हक़ खो गया है।
चलो छोड़ दिया तुमने तो क्या,
दिल ने अब भी वहीं घर बना रखा है।
तन्हाई में भी तुमसे बातें करता हूँ,
ये पागल दिल बहुत कुछ कह रखा है।
तुम गई तो क्या,
तेरी यादों की महफ़िल आज भी सजी रहती है।
अकेलेपन की रातों में,
तेरी परछाईं मेरे संग ही रहती है।
कभी दिल की धड़कन तुम थीं,
कभी मेरी मुस्कान तुम थीं।
आज तन्हाई कहती है—
कभी मेरी जान तुम थीं।
हम हँसकर भी जो छुपा जाते हैं,
वो दर्द कम नहीं होता।
प्यार जब अधूरा रह जाए,
तो अकेलापन उम्र भर नहीं सोता।
तेरी यादों ने ये हुनर सिखा दिया,
अकेले कैसे जिया जाता है।
दिल टूटने पर भी मुस्कुराना
कैसे निभाया जाता है।
भीड़ में भी हम अकेले हैं,
ये तन्हाई बड़ी गहरी है।
जिसे दिल से चाहा था कभी,
वही आज आखिरी पहेली है।
तुम्हारे जाने के बाद,
दिल ने खुद को बहुत समझाया।
पर तन्हाई के हर मोड़ पर,
बस तुम्हारा नाम ही पाया।
प्यार तो बहुत किया तुमसे,
शिकायत बस इतनी सी है—
छोड़ कर चली गई तुम ऐसे,
जैसे कोई अपना था ही नहीं।
तेरे बिना हर खुशी अधूरी,
हर मंज़िल एक सवाल लगी।
अकेलेपन की इस दुनिया में,
बस तेरी याद ही कमाल लगी।
जिसे अपना समझकर दिल दे दिया,
वही दूर चला गया किसी और के लिए।
अब तन्हाई ही साथी है मेरा,
जो रोने भी देती है और जीने भी।
तुम चली गई तो क्या,
तुम्हारी महक आज भी बाकी है।
इस तन्हा दिल में,
तेरी धड़कन अभी भी बाकी है।
अकेला हूँ मगर टूटे नहीं हैं,
ये दिल अभी भी इंतजार करता है।
कहीं से तू लौट आए कभी,
इस उम्मीद में हर पल जलता है।
कभी तुम थी तो दुनिया रोशन,
अब बस अंधेरा-सा रहता है।
दिल की गलियों में आज भी,
तेरा नाम ही गूँजता रहता है।
प्यार का क्या कसूर था उसमें,
गलती बस इतनी थी कि सच्चा था।
अब तन्हाई ही हमसफर है,
क्योंकि वो कभी धोखा नहीं देती।
तुम बदली हो या वक्त बदला,
ये तो समझ नहीं आता।
पर तुम्हारे जाने के बाद,
दिल कभी पहले जैसा मुस्कुराया नहीं।
अब भी कुछ टूटता है अंदर,
जब तेरी कमी का अहसास होता है।
अकेलेपन में दिल रो देता है,
जब तेरा नाम आस-पास होता है।
प्यार था इसलिए चुप रहे,
तुम बदल गईं ये सच है।
अब तन्हाई ही साथी है,
क्योंकि वो कभी शिकायत नहीं करती।
तेरी मोहब्बत चली गई,
पर तेरा असर आज भी बाकी है।
अकेलेपन में भी ये दिल,
तेरे बिना धड़कता नहीं… बस चल रहा है।
