Dhokha Shayari

जिसे अपना कहा था, वही बेगाना निकला,
जिसे दिल दिया था, वही बेवफ़ा ठहरा,
हमने जिस पर जान लुटाई थी,
अफ़सोस… उसी ने हमें धोखा दे दिया।

वो किसी और की बाहों में खुशी ढूंढते रहे,
और हम उनकी यादों में जलते रहे,
प्यार का सिला इतना कड़वा मिला,
कि अब किसी पर भरोसा करने से डरते रहे।

जिसे दिल की धड़कन बनाया था,
उसने ही दिल को तोड़ दिया,
प्यार तो सच्चा था हमारा,
पर उसने ही हमें झूठा साबित कर दिया।

जिन्हें हम अपने आंसू तक दिखाने से डरते थे,
उन्हीं ने हमारे दिल का तमाशा बना दिया,
हम समझते थे वो हमारे हैं,
पर उन्होंने ही हमें पराया कर दिया।

जिन्हें हम अपनी दुनिया मान बैठे थे,
वो किसी और की दुनिया में खो गए,
धोखा देना शायद उनकी फितरत थी,
हम ही मोहब्बत में बेवकूफ हो गए।

दिल तोड़ने वालों को क्या पता,
टूटे हुए दिल की आवाज कैसी होती है,
धोखा देने वालों को क्या महसूस हो,
हमारी रातें कितनी दर्दभरी होती हैं।

अपना कहकर छोड़ गए,
हँसकर हमें रुला गए,
धोखे की भी एक हद होती है,
वो हद भी वो पार कर गए।

वो कहते थे साथ निभाएँगे उम्र भर,
लेकिन साथ छोड़ दिया आधे रास्ते में,
प्यार का तो नाम लेते थे रोज,
पर धोखा दे दिया एक ही दिन में।

जिस पर सबसे ज़्यादा भरोसा किया,
उसी ने हमारा दिल छलनी कर दिया,
प्यार में धोखा क्या होता है,
ये हमसे ज्यादा कौन समझेगा।

धोखा भी अजीब चीज़ है,
किसी अपने से ही मिलता है,
वरना गैर तो हमें यूँ ही
क्या रुला पाते… क्या गिरा पाते?

हर पल जिसे याद करते थे,
वो हमारे यादों से निकल गए,
प्यार तो हमने दिल से किया था,
पर वो दिल से खेलकर चले गए।

वो कहते थे तुम ही मेरी ज़िंदगी हो,
पर उनकी ज़िंदगी में हम ही नहीं थे,
हमने तो सच्चाई से प्यार किया,
पर वो झूठे वादों में कहीं गुम थे।

जिससे मोहब्बत की, उसने ही जलाया,
जिसे अपनाया, उसी ने ठुकराया,
प्यार में धोखा मिलना तो तय था,
क्योंकि हमने दिल किसी गलत इंसान को दिया था।

जिनके लिए दुनिया छोड़ दी थी,
उन्होंने ही हमें अकेला छोड़ दिया,
धोखा देने का बहाना भी ऐसा,
जिसे सोचकर दिल रो पड़ता है।

हमने प्यार से दिल लगाया,
उन्होंने धोखे का खेल खेला,
हमने उनसे उम्मीदें लगाई,
उन्होंने हर वादा एक-एक करके झुठला दिया।

वो हमारी मोहब्बत का मज़ाक उड़ाते रहे,
हम उन्हें दिल से अपनाते रहे,
धोखा दे भी दिया तो क्या,
हम प्यार में सच्चे ही कहलाते रहे।

जिन्हें हम दिल की हर बात कहते थे,
वो ही दिल पर वार कर गए,
प्यार में सबसे गहरा घाव,
वो ही प्यार करके दे गए।

किसी और की तस्वीर लिए बैठे थे,
हम समझते रहे कि वो हमारी हैं,
धोखे का ये खेल इतना गहरा था,
कि हम दर्द में डूबकर भी हारे नहीं।

दिल टूटा तो जाना कि
मोहब्बत कितनी गहरी थी,
धोखा मिला तो समझ आया
कि हम कितने सच्चे थे।

आँखों में सपने थे उनके लिए,
दिल में मोहब्बत थी उनके नाम की,
पर उन्होंने धोखे से हमें तोड़ा यूँ,
जैसे कोई चीज़ बेजान हो आम-सी।