GoodBye Shayari

तेरे बिना जीना शायद मुमकिन तो है,
पर तेरे बिना हर पल अधूरा रहेगा।
चलो अलविदा सही… पर यादें?
वो तो ज़िंदगी भर साथ रहेंगी।

तुमसे दूर जाना आसान नहीं था,
पर साथ रहकर दर्द और बढ़ता था।
अब अलविदा कह रहा हूँ…
ताकि तुम भी मुस्कुरा सको, मैं भी जी सकूँ।

इश्क था, खो गया… रिश्ता था, टूट गया,
तुम थे, पर अब साथ नहीं।
अलविदा कहना मजबूरी है मेरी…
पर तुम हमेशा मेरे दिल में रहोगे वहीं।

हम दोनों का साथ बस इतना ही था,
ना तुम गलत थे, ना मैं बुरा।
कुछ मोहब्बतें मुकम्मल नहीं होतीं…
उनको बस अलविदा कह देना ही जरूरी है।

दिल रोया बहुत, पर कर ना सके फ़ैसले को टाल,
हर खुशी तुमसे जुड़ी थी मेरे ख्याल।
आज अलविदा कह रहा हूँ…
पर तुम्हारा नाम दिल से नहीं मिटा पा रहा हूँ।

तुम चली जाओगी ये सोचा नहीं था,
खामोशी में भी इतना दर्द होगा जाना नहीं था।
अलविदा कहना आज मजबूरी बन गया…
वरना दिल तो आज भी तुम्हें रुकने को कहता है।

प्यार था पर किस्मत का साथ नहीं मिला,
हम दोनों में किसी का गुनाह नहीं था।
अलविदा कहकर भी टूट रहा हूँ मैं…
क्योंकि तुमसे ज्यादा कोई चाहा नहीं था।

तेरी यादें मेरे सीने में धड़कती रहेंगी,
तेरी बातें मेरे होंठों पर झलकती रहेंगी।
अलविदा आज कह रहा हूँ…
पर तेरी कमी हर रोज़ खलती रहेगी।

रास्ते बदल गए, मंज़िल नहीं मिली,
तुम पास थे पर किस्मत दूर चली गई।
अब अलविदा कह रहा हूँ…
ताकि दोनों का दर्द थोड़ा कम हो जाए।

हमारी अधूरी कहानी पर आँसू ना बहाना,
जो मिला था प्यार, उसे यादों में निभाना।
अलविदा कहना ज़रूरी था मेरे हमसफ़र…
वरना टूट कर हम दोनों का दिल ही जाना।

किस्मत के लिखे पर किसका जोर चलता है,
नसीब वो खेल खेलता है जो दिल तोड़ देता है।
अलविदा कह रहा हूँ आज तुम्हें…
पर खुद को आज भी समझा नहीं पाता हूँ।

पल-पल तेरे साथ बिताए याद आएंगे,
तेरे बिना अब ये दिन अधूरे रह जाएंगे।
अलविदा कहकर भी जुड़ा हूँ तुमसे…
क्योंकि दिल में तुम हमेशा बस जाओगी।

हमारा रिश्ता दिल से जुड़ा था,
पर टूटना शायद किस्मत में लिखा था।
अलविदा कह रहा हूँ…
पर काश तुम समझ पाती कि कितना बिखर रहा हूँ।

तेरे साथ का हर लम्हा आज भी साँसों में बसता है,
तेरे जाने का दुख हर धड़कन में दर्द देता है।
अलविदा कहना आसान नहीं था…
पर कभी-कभी छोड़ना ही प्यार कहलाता है।

तुम्हें खोकर खुद को भी खो दिया,
आज समझ आया रिश्तों में कितना रो दिया।
अलविदा मेरी जान…
काश तुमसे दूर जाने का दर्द कभी महसूस ना करना पड़े।

चलो अलविदा कह देते हैं…
अब शायद यही सही है हम दोनों के लिए।
कुछ रिश्ते ताउम्र अधूरे रहते हैं…
और कुछ दर्द दिल में ही बेहतर लगते हैं।

तुम्हें भूल जाऊँ—ये मुमकिन नहीं,
तुम्हें पाऊँ—ये किस्मत में नहीं।
इसी बीच खड़े हम दोनों…
बस अलविदा कहकर खुद को समझा रहे हैं।

वक्त ने हमें एक-दूसरे से छीन लिया,
सपनों ने भी हाथ छुड़ा लिया।
अलविदा कहकर भी आँखें भर आती हैं…
क्योंकि तुम आज भी बेहद खास हो मेरे लिए।

हमारे बीच की खामोशियाँ सब कह गईं,
रिश्ता टूटते-टूटते आखिर खत्म हो गईं।
अलविदा मेरी मोहब्बत…
तुम्हें खुश देखना ही अब मेरी आखिरी दुआ है।

चलो आज आखिरी बार दिल से तुम्हें विदा कर दूँ,
हर दर्द तुम्हारे नाम कर दूँ।
अलविदा मेरी हमदम…
कभी मिलो तो मुस्कुराकर ही मिलना।