दूरी ने हमें और भी क़रीब कर दिया,
इंतज़ार ने इश्क़ और गहरा कर दिया।
तुम पास नहीं फिर भी मेरे दिल में हो,
तुम्हारी यादों ने हर पल को मेरा बना दिया।
सफर जितना लंबा होता जा रहा है,
दिल उतना ही तुम पर मरता जा रहा है।
दूर रहते हुए भी तुम इतने पास हो,
जैसे मेरी धड़कन में ही तुम बसते जा रहे हो।
मीलों की दूरी क्या हमारा रिश्ता तोड़ पाएगी?
ये मोहब्बत है जनाब, कहाँ खत्म हो पाएगी।
तुम दूर सही, पर दिल में हमेशा हो,
यही सोच हर रात मुझे सुला जाएगी।
तेरे बिना शहर भी खाली सा लगता है,
हर जगह तेरा ही चेहरा दिखाई देता है।
दूरी बस रास्तों में है, दिलों में नहीं,
तू मेरी धड़कनों में हर वक़्त रहता है।
तुमसे दूर रहकर समझ आया,
प्यार कितनी खामोशी से पलता है।
नज़रों से दूर हो तो क्या हुआ,
दिलों में तो रोज़ मुलाक़ात होती है।
रोज़ मिलता हूँ तुमसे अपनी दुआओं में,
रोज़ देखता हूँ तुम्हें अपनी ख्वाहिशों में।
दूरी ने हमारी मोहब्बत को और जला दिया,
अब तो हर धड़कन में बस तुम ही तुम हो।
लंबी दूरी का रिश्ता आसान नहीं होता,
हर पल दिल का इम्तिहान होता है।
पर जब यादों में तेरा चेहरा खिल जाता है,
तो लगता है—सारी थकान का अंत होता है।
दूर रहकर भी तुमसे उतना ही प्यार है,
दिल के हर कोने में तुम्हारा ही अधिकार है।
फासले सिर्फ राहों के हुए हैं,
हमारी रूहों का तो एक ही संसार है।
कभी-कभी दिल रो पड़ता है, तुम्हें याद करके,
कभी मुस्कुरा भी देता है, तुम्हें महसूस करके।
दूरी ने बहुत कुछ सिखाया है मुझे,
पर सबसे बड़ा सबक—तुम्हारे बिना कुछ भी नहीं।
नज़दीकियां नहीं, एहसास मायने रखता है,
दूरी नहीं, विश्वास मायने रखता है।
प्यार तो दिल से होता है मेरे हमसफर,
मिलना-जुलना सिर्फ एक बोनस होता है।
तुम्हारे बिना अधूरी सी लगती है हर शाम,
यहाँ तक कि धड़कन भी शोक करती है तुम्हारा नाम।
काश उड़कर आ जाते तुम्हारे पास अभी,
ये दूरी ही है जो सबसे बड़ा अंजाम।
हज़ारों मीलों की दूरी भी क्या करेगी,
जब रिश्ता दिलों से दिलों का जुड़ा होगा।
तुम जहाँ भी हो, मैं वही हूँ,
क्योंकि मेरा दिल हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा होगा।
दूर रहकर तुमने सिखाया,
सच्चा प्यार किसे कहते हैं।
तुम्हारी यादों ने ये बतलाया,
सीने में ही किसी को कैसे रखते हैं।
तेरी यादों का सहारा ही काफी है,
ये दूरी कुछ भी कर ले, हमसफर तुम ही हो।
मिलना भले कम हो हमारा,
पर एहसास में हर पल तुम ही हो।
तुम दूर हो पर महसूस हर पल होते हो,
शायद यही असली इश्क़ की निशानी है।
नज़रों से ओझल हो पर दिल में बसे हो,
जैसे रूह में एक छोटी-सी कहानी है।
रातों को जागकर तुम्हें सोचना,
दिन में तुम्हारी कमी महसूस करना।
ये दूरी है जो दिल को खींचती जाती है,
पर मोहब्बत है जो हमें जोड़ती जाती है।
दूर होकर भी तुम इतने क़रीब हो,
जैसे हवा में बसी कोई खुशबू हो।
छू न सकूँ तो क्या हुआ,
महसूस तो हर पल तुम ही हो।
हमारा रिश्ता किसी जगह पर नहीं टिका,
ये दिल और भरोसे पर खड़ा है।
दूरी सिर्फ रास्तों की है मेरे प्यार,
प्यार तो पहले जैसा ही बड़ा है।
हाथ भले न पकड़ पाऊँ तुम्हारा,
पर दिल हमेशा तुम्हें संभाले रहता है।
दूरी कितना भी बढ़ जाए हममें,
प्यार फिर भी सबसे आगे रहता है।
दूरी ने चाहत और बढ़ा दी है,
इंतज़ार ने मोहब्बत और सजा दी है।
तुम मिलो या न मिलो मेरे हमदम,
तुमने मेरे दिल को अपनी रूह से मिला दी है।
