टूटकर प्यार किया था तुमसे,
पर तुमने हर बार आज़माया मुझे,
जाने क्यों दिल नहीं मानता,
फिर भी हर दर्द में याद आया मुझे।
कभी हम भी तुम्हारी धड़कन थे,
कभी हम भी तुम्हारी ख़ुशी थे,
आज तुम बेपरवाह से हो गए…
और हम बस यादों में ही रह गए।
तेरा नाम लूं तो आंखें नम हो जाती हैं,
तेरी यादें दिल पर कम नहीं होतीं,
कहते हैं वक्त हर दर्द मिटा देता है,
पर तेरी कमी अब भी कम नहीं होती।
तुम्हारी खुशी के लिए खुद को भूल बैठे,
तुम्हारे प्यार में हम हद से गुजर बैठे,
आज तुम किसी और के हो गए…
और हम खुद को भी खो बैठे।
दिल से चाहा था तुम्हें एक उम्र के लिए,
पर तुमने पल भर में हमें भुला दिया,
कहते हो प्यार अब भी करते हो…
तो फिर इतना दूर क्यों चला दिया?
तुम्हारे बिना हर खुशी अधूरी लगती है,
हर महफ़िल में तन्हाई पूरी लगती है,
लोग कहते हैं वक्त सब ठीक कर देता है,
पर तेरी याद दिल को फिर से चुभती है।
तुमसे बिछड़कर अब समझ आया,
प्यार करने की गलती हमसे हुई,
दिल तो अब भी तुम पर ही अटका है…
पर किस्मत में जुदाई ही लिखी हुई।
कभी तुमसे दिल की दुनिया बसाई थी,
आज उसी दुनिया में वीरानी छाई है,
तुम चले गए यूँ बदलकर अपनी राहें…
और हम आज भी वहीं पर ठहरे रह गए।
तेरी बातों में वो मिठास कहाँ,
तेरे लहज़े में वो एहसास कहाँ,
हम आज भी तुझे दिल से चाहते हैं…
पर तेरे दिल में अब हमारे लिए वो प्यास कहाँ।
ये दिल आज भी तेरे बिना तड़पता है,
तेरी तस्वीर को छूकर रो पड़ता है,
लोग कहते हैं मैं हंसता बहुत हूँ…
पर कोई नहीं जानता ये दिल अंदर से कितना टूटता है।
कभी तुम थे तो रोशनी थी ज़िंदगी में,
आज अंधेरों का साए साथ लिए फिरते हैं,
तुम्हारे जाने के बाद ये हाल है हमारा…
कि हर खुशी में भी दर्द लिए फिरते हैं।
तुम्हारे लिए हर एहसास से बढ़कर थे,
पर तुम किसी और के मुसाफिर बन गए,
हम आज भी उसी मोड़ पर खड़े हैं…
जहाँ तुम हमें छोड़कर आगे बढ़ गए।
वो भी क्या दिन थे जब तुम साथ थे,
जैसे हर पल में खुशियों की बरसात थे,
अब तो हर सुबह उदास होकर आती है,
क्योंकि वो मुस्कानें तुमसे ही तो खास थीं।
तुम्हारी यादों ने जीना सिखाया था,
तुम्हारे जाने ने सब कुछ भुलाया है,
हम आज भी वही हैं तुम्हारी मोहब्बत में…
बस तुम ही कुछ बदल गए हो, ये दर्द समझाया है।
दिल से चाहा था एक छोटा-सा जीवन,
जिसमें तुम हो और थोड़ी-सी मुस्कान,
पर तुमने जुदाई का फैसला करके…
दिल तोड़ दिया वो भी बिना किसी कारण।
तुम थे तो महफ़िल भी रंगीन लगती थी,
अब तो हर रात हमें तन्हा लगती है,
तुम्हारे बिना हम अधूरे से हो गए हैं…
जैसे कोई कहानी बिना अंत के रहती है।
खुशियों से ज्यादा तेरी यादें हावी हैं,
हर जगह बस तेरी कमी बाकी है,
हमने तो हर पल सिर्फ तुम्हें चाहा…
पर तुम्हारे लिए कोई और ही काफी है।
चाहा था तुम्हें दुनिया से ज्यादा,
पर तुमने बस मेरी कमियाँ दिखाई,
आज भी दिल में वही मोहब्बत बाकी है…
बस तुमने रूह से दूरी बनाई।
कभी हम भी तुम्हारे हर पल का हिस्सा थे,
आज हम बस एक किस्सा बनकर रह गए,
जिन्हें हमने दिल से चाहा था कभी…
वो आज किसी और के दिल में बस गए।
हमारी मोहब्बत एक खामोश दर्द बन गई,
जिसे ना तुमने समझा, ना किसी ने जाना,
तुम खुश रहो जहाँ भी रहो…
हमारा क्या है—हमने तो बस तुम्हें ही माना।
